तकनीकी शिक्षा विभाग को 17 करोड़ की तीन परियोजनाओं की सौगात

देहरादून। सूबे में तकनीकी शिक्षा के आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने तथा युवाओं को आधुनिक व  रोजगारपरक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने को लेकर प्रदेश के तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज 17 करोड़ की तीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया। उत्तराखण्ड राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थान, आमवाला, देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में विभागीय मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने 963.45 लाख की लागत से बनने वाले एकेडमिक भवन का शिलान्यास किया साथ ही उन्होंने आईआरडीटी में 488.52 लाख की लागत से निर्मित एडवांस ट्रेनिंग सेंटर के द्वितीय फेज तथा 328.27 लाख की लागत से निर्मित आॅनलाइन प्लेसमेंट सेल का लोकार्पण भी किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार तकनीकी शिक्षा को समय की मांग और औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने में जुटी है। जिसके तहत युवाओं को गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा, आधुनिक कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के बेहतर अवसर सृजित किये जा रहे हैं। डाॅ. रावत ने कहा कि सरकार ने विगत पांच वर्षों में तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत अवस्थापना सुविधाओं के विकास तथा प्रयोगशालाओं के लिए मशीनों, उपकरणों एवं अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिये लगभग 600 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की गई है।
विभागय मंत्री ने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक दौर में तकनीकी शिक्षण संस्थानों को केवल पारंपरिक शिक्षा तक सीमित नहीं रखा जा सकता, बल्कि उन्हें आधुनिक तकनीक, नवाचार, व्यावहारिक प्रशिक्षण और उद्योगों से जोड़ना आवश्यक है। ऑनलाइन ट्रेनिंग एवं प्लेसमेंट सेल तथा एडवांस ट्रेनिंग सेंटर जैसी सुविधाएं विद्यार्थियों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाने के साथ ही उनके लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। इस अवसर पर उन्होंने विभागीय अधिकारियों को शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर संवर्ग में रिक्त पड़े पदों को शीघ्र भरने की कार्यवाही शुरू करने के निर्देश भी दिए।
कार्यक्रम में सचिव, तकनीकी शिक्षा डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा ने कहा कि विभाग प्रदेश के पॉलीटेक्निक संस्थानों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। औद्योगिक इकाइयों की मांग के अनुरूप संस्थानों में नए पाठ्यक्रम संचालित करने के साथ ही शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं को नवीन तकनीकों का प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा रहा है।
निदेशक प्राविधिक शिक्षा देशराज ने कहा कि किसी भी शिक्षण संस्थान की पहचान केवल उसके नाम से नहीं, बल्कि वहां उपलब्ध शैक्षणिक सुविधाओं, शिक्षकों की गुणवत्ता, प्रयोगात्मक प्रशिक्षण, अनुशासन और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास से होती है। उन्होंने कहा कि प्राविधिक शिक्षा के तीन महत्वपूर्ण पक्षों शैक्षणिक आधारभूत संरचना, आधुनिक कौशल प्रशिक्षण तथा रोजगार से जुड़ाव को मजबूत करने के लिए विभाग निरंतर प्रयास कर रहा है। कार्यक्रम के दौरान विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों एवं छात्र-छात्राओं को नशामुक्त उत्तराखंड के निर्माण की शपथ भी दिलाई गई। इस अवसर पर सचिव उत्तराखण्ड प्राविधिक शिक्षा परिषद् डॉ. मुकेश पाण्डेय, संयुक्त निदेशक देवेन्द्र गिरि, राजकीय पाॅलीटेक्निक काॅलेज आमावाला के प्रधानाचार्य आर.पी. यादव सहित अन्य विभागीय अधिकारी व उत्तराखण्ड पेयजल संसाधन विकास एवं निर्माण निगम के अधिकारी, तथा पाॅलीटेक्निक छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।