देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हल्द्वानी स्थित हीरानगर, पर्वतीय उत्थान मंच में पुनर्नवा महिला समिति द्वारा आयोजित महिला रामलीला कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने अपने वर्चुअल संबोधन के माध्यम से महिला रामलीला का अभिनव मंचन कर रही आयोजन समिति को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि हमें भगवान श्रीराम के आदर्शों पर चलना चाहिए और केंद्र तथा राज्य सरकार भी उन्हीं आदर्शों को आत्मसात करने का प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद भारत निरंतर सांस्कृतिक एवं धार्मिक उत्थान की दिशा में अग्रसर है। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों का पुनर्निर्माण एवं विकास कार्य तेजी से हो रहा है। उन्होंने काशी विश्वनाथ, मथुरा, अयोध्या सहित उत्तराखंड के मठ-मंदिरों एवं चारधाम में हो रहे कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य एवं दिव्य मंदिर निरंतर विकसित हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने श्री केदारनाथ एवं बदरीनाथ धाम में संचालित पुनर्निर्माण कार्यों के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का उत्तराखंड से विशेष लगाव है और वे यहां के सांस्कृतिक एवं धार्मिक वैभव को समृद्ध करने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि केदारपुरी से अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री द्वारा यह घोषणा की गई थी कि 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा और राज्य सरकार इस संकल्प को साकार करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री की आदि कैलाश यात्रा ऐतिहासिक रही है, जिसके बाद क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को नई गति मिली है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे प्रधानमंत्री की मंशा के अनुरूप उत्तराखंड के विकास में सहयोग करें तथा भगवान श्रीराम के सत्य एवं ईमानदारी के मार्ग पर चलें, तभी 21वीं सदी का तीसरा दशक वास्तव में उत्तराखंड का दशक बन सकेगा।
कार्यक्रम के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता श्याम अग्रवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, उत्तराखंड सरकार में दायित्वधारी शंकर कोरंगा, पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष आनंद दर्मवाल, मधुकर क्षत्रिय, विनीत अग्रवाल, शांति जीना, लता बोरा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति एवं दर्शक उपस्थित रहे।