रुद्रप्रयाग। केदार घाटी के सीमांत क्षेत्रों में स्थित जंगल इन दिनों भीषण आग की चपेट में हैं। जंगलों में लगी आग से लाखों रुपये की कीमती वन संपदा स्वाहा हो चुकी है, वहीं जंगलों में विचरण करने वाले वन्य जीव-जंतुओं का जीवन भी गंभीर खतरे में पड़ गया है। जो जंगल बर्फ से ढ़के रहते थे, उन जंगलों से धुएं के गुब्बार उठ रहे हैं। जंगलों में मई जून जैसी आग लगी हुई है। आग के कारण चारों ओर धुआं ही धुआं फैला हुआ है। हालंकि वन विभाग की ओर से आग बुझाने के प्रयास किये जा रहे हैं।
जंगलों में फैल रही इस भीषण आग से पर्यावरण संतुलन भी बुरी तरह प्रभावित होने लगा है। यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया गया, तो क्षेत्र के अन्य जंगलों के भी इसकी चपेट में आने की आशंका जताई जा रही है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सीमांत क्षेत्र के जंगलों में लगी आग पर काबू पाने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं, लेकिन दुर्गम पहाड़ी इलाकों और चट्टानों पर आग फैलने के कारण हालात बेहद चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। फिलहाल आग बुझाने के लिए वन विभाग की टीमें मौके पर डटी हुई हैं और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।