देहरादून। पाकिस्तानी आंतकी संगठन अल बर्क ब्रिगेड के आंतकी शहजाद भट्टी व कराची में बैठे आतंकी राणा को देहरादून के संवेदनशील इलाकों, सैन्य प्रतिष्ठानो, पुलिस थानों, पुलिस मुख्यालयों की तस्वीरें इंस्टाग्राम व व्हाट्सएप्प के जरिए भेजने वाले एक 29 वर्षीय युवक विक्रान्त कश्यप पुत्र विरेन्द्र कश्यप निवासी हाल- झाझरा प्रेमनगर एसटीएफ़ नें प्रेमनगर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। आतंकी संगठन ने विक्रान्त कश्यप को दिल्ली स्थित एक संगठन से जुडे कार्यकर्ताओं व सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता पर हैड ग्रिनेट फेंकने का टास्क दिया गया था। पाकिस्तानी आतंकी पकडे गए युवक के जरिए भारत मे तहरीक- ए- तालिबान- हिन्दुस्तान (टीटीएच) अतंकी संगठन का विस्तार करना चाहता था।
एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह ने शुक्रवार को जानकारी देते हुए बताया कि गत देर रात्री राज्य एसटीएफ टीम ने थाना प्रेमनगर क्षेत्रान्तर्गत एक संदिग्ध विक्रान्त कश्यप पुत्र विरेन्द्र कश्यप को एक अवैध पिस्टल .32 बोर व 7 जिन्दा कारतूस एवं एक स्प्रै पेन्ट की कैन के साथ गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपी इन्स्टाग्राम व व्हटसअप के माध्यम से पाकिस्तान में बैठे आंतकी शहजाद भट्टी व उसके साथी राणा के लगातार सम्पर्क में था। गिरप्तार आरोपी के खिलाफ थाना प्रेमनगर में मुकदमा दर्ज किया गया है।
अजय सिंह ने जानकारी देते हुए बताया की राज्य एस.टी.एफ पेशेवर अपराधियों, असमाजिक तत्वो तथा राष्ट्रविरोधी तत्वो के सम्बन्ध में इनपुट विकसित कर संदिग्धों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रख जा रही थी, जिसमें भारत में आतंक फैलाने व भारत की सम्प्रभुता, एकता, अखण्डता में खतरा डालने के लिये पाकिस्तान से आतंकवादी संगठनों ने भारतीय युवकां को इन्स्टाग्राम व विभिन्न सोशल मीडिया के माध्यम से फोलोवर्स बनाकर नौजवान लड़कों को उनसे स्लीपर सैल के रूप में अवैध गतिविधियां करवाने का काम किया जाने सम्बन्धी इनपुट विकसित प्राप्त हुए थे।
एसटीएफ ने अपने गोपनीय सूत्रों व टैक्निकल सर्विलांस के माध्यम से जानकारी की तो ज्ञात हुआ है कि विक्रान्त नाम का एक लड़का जो झाझरा क्षेत्र, प्रेमनगर, दहरादून का रहने वाला है तथा वर्तमान में पाकिस्तानी आतंकवादी व आईएसआई एजेन्ट शहजाद भट्ट व उसके साथी राणा के सम्पर्क में हैं जो सोशल मीडिया एप के माध्यम से शहजाद से दिशा निर्देश प्राप्त कर रहा है।
आरोपी को शहजाद ने कुछ टास्क दिये गये जिसमें देहरादून व आसपास के मुख्य स्थानों व पुलिस थानों की विडियों बनाकर भेजने के लिए कहा गया। इसके बाद इसको टास्क दिया गया कि देहरादून के महत्वपूर्ण भवन व संस्थान जैसे आईएसबीटी, पुलिस मुख्यालय व अन्य महत्वपूर्ण सरकारी भवनों की वीडियों व फुटेज बनाकर भेजने के लिए कहा गया था कि ये जगह तुम्हें बम से उडानी है। तुझे बम, हथियार व पैसे गुर्जर नाम का आदमी देगा। इसके बाद शहजाद ने आरोपी टास्क दिया कि देहरादून के महत्वपूर्ण भवन व संस्थान जैसे आईएसबीटी, पुलिस मुख्यालय व अन्य महत्वपूर्ण सरकारी भवनों पर ‘‘तहरीक-ए-तालिबान- हिन्दुस्तान‘‘ (टीटीएच) लिखने को कहा गया जिससे हमारे संगठन टीटीएच नाम हो और लोगो में दहशत फैले। जिसकी विडियो बनाकर भेजने के लिये कहा गया जिस पर उसे सुभारती हास्पिटल के पास गली में सेलाकुई में एक फैक्ट्री के दीवार पर व अडवानी पुल के पास और बालाजी मन्दिर झाझरा के पास अलग अलग जगह पर स्प्रे पेन्ट की केन से टीटीएच लिख कर विडियो बनाकर भेजी गयी थी। साथ ही पुलिस चौकी झाझरा की लोकेशन व वीडियो फुटेज बनाकर भी पाकिस्तान भेजी गयी थी। इसके अतिरिक्त पाकिस्तानी हैंडलर ने इसको दिल्ली स्थित एक संगठन के कार्यकर्ताओं व सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता पर हैड ग्रिनेट फेंकने का टास्क दिया गया था।
देश में प्रदेश में आतंक फैलाने के बदले युवक को नेपाल के रास्ते दुबई ले जाकर वहां सैटल करने तथा अच्छा पैसा देने का प्रलोभन दिया गया था । गिरफ्तार आरोपी पूर्व में वर्ष 2024 व 2025 में नाभा पंजाब में रहा है, जहां वह ट्रक की बॉडी बनाने का काम करता था। गिरफ्तार आरोपी जो देश विरोधी गतिविधियों में संलिप्त था उससे बरामद मोबाईल फोन से कई महत्वपूर्ण जानकारी प्रकाश में आयी जिन पर विभिन्न एजेन्सियों के साथ मिलकर आवश्यक पूछताछ व कार्यवाही की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपी विक्रान्त कश्यप ने पूछताछ के दौरान बताया कि वह पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला का फैन था, उसकी हत्या से वह नाराज था तथा उसकी हत्या करने वालो से बदला लेना चाहता था। इसी बीच इन्स्टाग्राम पर पाकिस्तानी शहजाद भट्टी ने सिद्धू मूसेवाला की हत्या करने वालो से बदला लेने के सम्बन्ध में रील व पोस्टे डाली थी जिससे यह प्रभावित हो गया । शहजाद भट्टी के इन्स्टाग्राम अकाउण्ट को फॉलो करना शुरू कर दिया, कुछ दिन बाद व्हटसअप व इन्स्ट्राग्राम के माध्यम से इसके सम्पर्क में आ गया। आतंकियों से सम्पर्क रखने वाले विक्रांत को दबोचने वाली पुलिस टीम में निरीक्षक अबुल कलाम, एन.के. भट्ट, यादविन्दर बाजवा, उपनिरीक्षक विद्यादत्त जोशी, हेडकांस्टेबल संजय, देवेन्द्र मंमगाई, महेन्द्र सिंह, वृजेन्द्र चौहान, अर्जुन सिंह, कांस्टेबल मोहन असवाल, कादर, अनिल आदि शामिल रहे।