देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व उत्तराखण्ड की लोक परंपरा, सांस्कृतिक चेतना और प्रकृति के प्रति श्रद्धा का अद्वितीय प्रतीक है। हरेला केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और हरित जीवन शैली को अपनाने का जनसंदेश है।
राज्यपाल ने कहा कि वर्तमान समय में जब विश्व जलवायु परिवर्तन, ग्लोबल वार्मिंग और प्रदूषण जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब हरेला पर्व प्रकृति के साथ संतुलित जीवन जीने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि पेड़-पौधों, जल स्रोतों और भूमि का संरक्षण मानव अस्तित्व से जुड़ा विषय है तथा प्रत्येक नागरिक को इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा, हरेला हमें अपनी जड़ों, अपनी संस्कृति और प्रकृति के साथ अपने गहरे संबंध का स्मरण कराता है। राज्यपाल ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे हरेला पर्व के अवसर पर कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं और उसकी देखभाल का संकल्प भी लें। उन्होंने विशेष रूप से बच्चों, युवाओं और महिलाओं की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने में समाज के प्रत्येक वर्ग का योगदान आवश्यक है।