एलयूसीसी चिटफंड घोटाला, सीबीआई ने दो और आरोपियों को किया गिरफ्तार

देहरादून। एलयूसीसी घोटाले में सीबीआई ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पंकज जैन उर्फ पंकज चैधरी और किशन जैन नाम इस दोनों आरोपियों को मुंबई से गिरफ्तारियां किया गया है। सीबीआई के अनुसार ये दोनों की मुख्य आरोपी समीर अग्रवाल और उसकी पत्नी के धन को संपत्तियां खरीद में निवेश कर रहे थे।
बता दें कि उत्तराखंड के चर्चित एलयूसीसी चिटफंड घोटाले की जांच कर रही सीबीआई ने मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो मुख्य आरोपियों को 1 जून  को मुंबई, महाराष्ट्र से गिरफ्तार किया है। दोनों की गिरफ्तारी वित्तीय दस्तावेजों के गहन विश्लेषण, बैंक लेन-देन की जांच, गवाहों के बयान और अलग -अलग राज्यों में किए गए व्यापक फील्ड इन्वेस्टिगेशन के बाद की गई है।
सीबीआई के अनुसार यह मामला उत्तराखंड हाईकोर्ट के 17 सितंबर 2025 के आदेश के अनुपालन में दर्ज किया गया था। सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा  देहरादून ने 26 नवंबर को विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर राज्य पुलिस ने पहले से दर्ज 18 एफआईआर की जांच अपने हाथ में ली थी। जांच में आरोप है कि एलयूसीसी और उससे जुड़े पदाधिकारियों ने अनियमित जमा योजनाओं के माध्यम से लोगों से अवैध रूप से धन एकत्र किया।
निवेशकों के साथ धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, आपराधिक षड्यंत्र और धन के गबन जैसे गंभीर आरोप सामने आए हैं। यह घोटाला उत्तराखंड के कई जिलों में फैला हुआ था। बड़ी संख्या में लोग इसकी चपेट में आए। साथ ही सीबीआई की अब तक की जांच में खुलासा हुआ है कि करीब एक लाख से अधिक निवेशकों को विभिन्न जमा योजनाओं में निवेश के लिए प्रलोभन दिया गया था। इन निवेशकों से लगभग 800 करोड़ रुपये जमा कराए गए। जिनके दुरुपयोग और गबन की आशंका जताई गई है। एजेंसी का कहना है कि गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी इस पूरे नेटवर्क के प्रमुख संचालकों में शामिल थे। जांच में उनके खिलाफ धन संग्रह, फंड के प्रबंधन, धन के डायवर्जन और गबन में सक्रिय भूमिका के साक्ष्य मिले हैं। सीबीआई के मुताबिक दोनों आरोपी अन्य सह-आरोपियों के साथ मिलकर बड़े पैमाने पर धन के संचालन और उपयोग की साजिश का हिस्सा थे। इससे पहले सीबीआई ने 12 और 13 मई को पांच अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था। जिनमें  तीन वरिष्ठ सहकारी प्रमोटर भी शामिल थे।