वायरल पत्र से मेरा कोई लेना-देना नहींः अरविंद पाण्डेय

देहरादून। भाजपा नेता व विधायक अरविन्द पाण्डेय ने कहा कि उनके नाम से जो पत्र वायरल हुआ है उससे उनका कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने कहा कि वह पत्र उनके खिलाफ एक प्रकार का राजनीतिक षड़यंत्र है।
सोमवार को यहां भाजपा प्रदेश कार्यालय में पत्रकारों से वार्ता करते हुए अरविन्द पाण्डेय ने कहा कि देश को कमल के फूल की आवश्यकता है। आज पांच राज्यों में हुए चुनाव परिणामों ने इसे सिद्ध कर दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने जो पत्र वायरल किया है उससे उनका कोई लेना देना नहीं है। वह पत्र गलत है तो उसमें लिखी बातें भी गलत ही होगी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सोशल मीडिया में वायरल पत्र से उनका कोई लेना देना नहीं है।
विदित हो कि इन दिनों भाजपा विधायक अरविंद पाण्डेय व सरकार के बीच अंदरूनी खींचतान चल रही है। पिछले दिनों भाजपा विधायक का खनन को लेकर सरकार से कुछ मनमुटाव हुआ था जिसके बाद उनका एक कार्यालय को प्रशासन द्वारा नोटिस जारी कर उसे अवैध करार दिया गया था। ऐसे में उनके नाम से एक पत्र सोशल मीडिया में जारी होने पर उन्होने आज राजधानी देहरादून स्थित प्रदेश कार्यलय में पत्रकार वार्ता कर इस पत्र के विषय में खंडन जारी कर दिया गया है। दरअसल, उत्तराखंड की सियासत में इन दिनों एक वायरल पत्र को लेकर हलचल तेज हो गई है। गदरपुर से भाजपा विधायक अरविंद पांडे के नाम से सोशल मीडिया पर प्रसारित इस पत्र ने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू कर दिया था। पत्र में कथित तौर पर अरविंद पांडे की तरफ से उनके उत्पीड़न और अनदेखी जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे, जिसके बाद विपक्षी दलों ने भाजपा सरकार और संगठन पर सवाल उठाने शुरू कर दिए थे। हालांकि, पूरे मामले पर अब खुद विधायक अरविंद पांडे सामने आए हैं और उन्होंने इस वायरल पत्र को सिरे से खारिज कर दिया है।