“नारी शक्ति वंदन में बाधा डालकर विपक्ष ने महिलाओं के अधिकारों के प्रति अपनी असंवेदनशीलता उजागर की”ः दीप्ति रावत

देहरादून। भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय महामंत्री एवं भाजपा उत्तराखंड की प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत भारद्वाज ने कहा कि “महिलाओं के अधिकारों की लड़ाई में ‘नारी शक्ति वंदन’ जैसे ऐतिहासिक प्रयास, जिसका उद्देश्य देश की मातृशक्ति को उनका अधिकार दिलाना है, उसमें कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों द्वारा डाली गई बाधाएं अत्यंत निंदनीय हैं।”
उन्होंने कहा कि “संसद जैसे सर्वोच्च लोकतांत्रिक मंच पर, जहाँ इस महत्वपूर्ण विषय पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए थी, वहाँ विपक्ष ने केवल व्यवधान और विरोध की राजनीति की। यह केवल एक विधेयक को रोकने का प्रयास नहीं, बल्कि देश की करोड़ों महिलाओं के अधिकारों और उनके सम्मान के मार्ग में बाधा डालने का प्रयास है।”
उन्होंने आगे कहा कि “दशकों तक सत्ता में रहने के बावजूद कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए कभी ठोस कदम नहीं उठाए। जब माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में यह ऐतिहासिक पहल साकार होने की दिशा में अग्रसर हुई, तब भी उनका विरोध यह दर्शाता है कि महिला सशक्तिकरण उनके लिए केवल एक राजनीतिक नारा है।”
उन्होंने कहा कि “देश की मातृशक्ति अब जागरूक है और सब कुछ समझती है। वह जान चुकी है कि किसने वर्षों तक उन्हें उनके अधिकारों से वंचित रखा और कौन वास्तव में उन्हें सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।”अंत में उन्होंने कहा कि “देश की महिलाएँ इस महिला-विरोधी मानसिकता का लोकतांत्रिक तरीके से करारा जवाब देंगी और अपने अधिकारों की इस लड़ाई को और अधिक मजबूती के साथ आगे बढ़ाएंगी।”